Third Eye Meditation Guided

Third Eye Meditation Guided by Swami Ameen.

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Youtube : https://www.youtube.com/watch?v=EOII-7_LjcE

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ध्यान करने का सरल तरीका

दोस्तों आज मैं आप लोगो से अपना ध्यान करने का अनुभव और ध्यान करने की सरल विधि को बाटना चाहता हूं। सबसे पहले तो आप ये तय कर ले कि ध्यान करना है तो लग कर करना है ये नहीं कि के आज कर लिया फिर अगले हफ्ते कर लिया। ध्यान में अगर गति चाहते है और जल्दी चाहते है तो रोज करना पड़ेगा। सबसे सरल तरीका है सक्रिय ध्यान अब सक्रिय ध्यान में क्या करे अपने शरीर को थकाना है और वो कैसे किसी पार्क में जाए और रनिंग करे तब तक करे जब तक अच्छे से थक न जाए और थकने के बाद एक दम आसपास किसी बेंच पर लेट जाए आँख बंद कर लें और बस लेटे रहे कुछ और शरीर की क्रिया नहीं करनी है शरीर को ढीला छोड़ दे रिलैक्स होने दे शरीर को बिलकुल हिलाये नहीं। अब आगे क्या करना है आँखे बंद रहेगी अब इंद्री का इस्तमाल करना है जैसे आसपास की आवाज़ों को सुने जैसे पक्षियों की आवाज़ सुने उनके चेह्चाने की आवाज़ सुने। थकने से पसीना आया होगा और हवाएं ठंडी महसूस होंगी उसे महसूस करे मतलब अगड़म संग्रम न सोचे अपने ध्यान को केवल इन्ही चीज़ो पर केंद्रित करे। आपको पता भी चलेगा के कब आधा पौना घण्टा बीत गया है। जब आप रिलैक्स हो जाये तो धीरे धीरे आँखे खोले पहला अनुभव तो यही होगा जब आँख खोलेंगे तो आपको लगेगा कि आँखों में काफी रौशनी सी आगयी है आँखे खोल ले आसमान को देखे खाली सबकुछ खाली दिखाई देगा आपके भीतर भी कोई विचार नै महसूस होगा उस रिलैक्स मूमेंट का आनंद ले ५ मिंट तक उसके बाद आराम से उठे। आप इस क्रिया को प्रातःकाल रोज करे। कुछ दिनों के भीतर आपको ध्यान का अनुभव होना शुरू हो जायेगा।10 दिन इस क्रिया को करे।

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ABOUT OSHO — Meditation for Beginners

क्यों करेगा कोई मुझे याद बेवजह ! ऎ खुदा लोग तो तुझे भी बेवजह याद नहीं करते ! ओशो की कुछ ऐसी बातें जो कम ही लोग जानते हैं…. उज्जैन। 11 दिसम्बर 1931 को ओशो का जन्म हुआ। सातवें दशक के मध्य में रजनीश नाम के एक व्यक्ति ने लोगों के कानों में धमाके के […]

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साधना के द्वारा हवा मे उड़ना संभव है?

Hello
Sadhako

Aap sabse jb baat karta hun to bhut acha lagta hai khusi hoti hai dekhkar ki aap Dhyaan ki shanti ki khoj me hai. Aaj me baat karunga kisi mitr ne pucha hai ke Sadhna ke dwara hawa

me udna sambhav hai thoda hasyprad lagega mgr koi nai wo jannna chahte hai aur fir ye bhi jaanna chahenge k kese to hum baat karte hai. Phele to ye tey karle k udda bhi jaa sakta hai

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गुरु का ध्यान करें या परमात्मा का / सुदर्शन क्रिया विधि

Hello Saadhako

aab hello dosto kehna sahi nai kyuki itne log dhyaan ke baare me padte hai ab tk to dhyaan karne lage bhi honge aur jo dhyaan karte hai unhe sadhak kehna hi uchit hoga. 🙂 aur jo nai karte yaa karne ki teyaari kar rhe hai wo zaldi he Saadhak ki upaadhi ko prapt honge.

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ध्यान करने से होता क्‍या है?

यह क्रिया आपके और आपके शरीर, आपके और आपके मन के बीच एक दूरी बनाती है। आप जीवन में जूझ इसलिए रहे हैं, क्योंकि आपने इन सीमित रूपों के साथ अपनी पहचान बना ली है। ध्यान की खासियत यह है कि आप और जिसे आप अपना ‘मन’ कहते हैं, उनके बीच एक दूरी बन जाती है। आप जिस भी पीड़ा से गुजरते हैं, वह आपके दिमाग की रचना है; क्या ऐसा नहीं है? अगर आप खुद को दिमाग से दूर कर लेते हैं, क्या आपके भीतर पीड़ा हो सकती है? यहीं पीड़ा का अंत हो जाता है।

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ध्‍यान करने से क्या फायदा है?

हैलो  दोसतो ये कुछ किसी  वेबसाइट से बहुत अच्छी जानकारी प्राप्त की है

जैसे ही आप अपने अनुभवों से अपनी पहचान बना लेते हैं, जैसे ही आप अपनी पहचान किसी ऐसी चीज से बना लेते हैं जो आप नहीं हैं, आपकी समझ, आपकी बोधन-क्षमता, पूरी तरह बेकाबू हो जाती है। आप जीवन को वैसे नहीं देख सकते जैसा वो है; अपकी ग्रहण करने की क्षमता बहुत ज्यादा विकृत हो जाती है। यह शरीर जिसे अपने बाहर से इकट्ठा किया है, जैसे ही आप इसे ‘स्वयं’ के रूप में अनुभव करने लगते हैं, जैसे ही आप अपने दिमाग पर पड़े प्रभावों व संस्कारों को ‘स्वयं’ के रूप में अनुभव करने लगते हैं, आप जीवन को उस तरह से नहीं अनुभव कर सकते जैसा वह है। आप जीवन को उस तरह से अनुभव करेंगे जैसा आप के जीवित रहने के लिए जरूरी है, वैसा नहीं जैसा वह असल में है।

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Dhyaan related talk

Hello Dosto kese ho asha karta hu sab ache honge. Me dekh rha hun k blog me kuch log apne third eye ko jaagrat karne ke liye tarike khojte hai. Kya me jaan

sakta hu kyu chalo chodo me khud batata hu. Aaj ki is dodhbhaag wali zindgai se insaan bht pareshaan hogya hai. Bhut si samsyaao ne insaan ko ghera hua hai phele

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oshoisyours

हेलो दोस्तों कैसे हो ? आज काफी टाइम बाद कुछ लिखने का मौका मिला।  दोस्तों में अच्छा लेखक तो हु नहीं।  और न ही कोई पंडित ग्यानी हाँ मगर ध्यान करके काफी कुछ जाना है यानी १०० में से १ परसेंट जाना है. तो आप सोचो क बाकी ९९ कितना होगा खेर आपका ज़्यादा टाइम नहीं लूंगा केवल ध्यान के बारे में कहूँगा। मेरे ब्लॉग में जो बाते लिखी है या वीडियो या इमेज है सब आपको अलग साइट पर भी मिलसकती है मगर इन सबको खोजने का मतलब क्या है ,कभी हमने सोचा मैं  बताता हू हम लोगो में जानने की लालसा है कि इससे क्या होता है कैसे होता है मगर हम केवल पड़ लेते है मगर करके नहीं देखते  कुछ लोग देखते है तो फिर कुछ दिन में बंद कर देते है  कि या कुछ हो तो रहा नहीं है। और दूसरो को बताते है कि ध्यान कर रहा हु तो वो हस्ते है कि क्या ध्यान स्यान बाबा बनेगा ! क्या ये सब ओशो आसाराम निर्मल बाबा सब एक से है! आप ध्यान करना बंद कर देते है खेर दोस्तों शयद आप नहीं जानते के ध्यान हमारे लिए कितना ज़रूरी है। तन मन और धन  सबके लिए।

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Meditation 2015

OSHO2015Thursday, January 01, 2015

Blog ke Madhyam se me kewal yhi aap logo tak messege phuchana chahta hu. Jitne bhi mitra hai Samsth Osho Parivar.Apne Dhyaan ke Anubhavo ko Share kare. Dhyaan me aane wali pareshaaniya bataye.Kaunsi vidhi karke kya abhubhav mila ye share kare.Kyuki bht se sadhak hai Jinko kai pareshaniyo ka samna karna padta hai. Jo Dhyaan me naye hai Dhyaan kese karna hai kaunsi vidhi karni hai kya sahi rhega is tarh se to agr aap  sabhi log apni pareshaaniya aur anubhav share karenge to aapki share se dusro ko maddad milegi.

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