ध्यान करने का सरल तरीका

दोस्तों आज मैं आप लोगो से अपना ध्यान करने का अनुभव और ध्यान करने की सरल विधि को बाटना चाहता हूं। सबसे पहले तो आप ये तय कर ले कि ध्यान करना है तो लग कर करना है ये नहीं कि के आज कर लिया फिर अगले हफ्ते कर लिया। ध्यान में अगर गति चाहते है और जल्दी चाहते है तो रोज करना पड़ेगा। सबसे सरल तरीका है सक्रिय ध्यान अब सक्रिय ध्यान में क्या करे अपने शरीर को थकाना है और वो कैसे किसी पार्क में जाए और रनिंग करे तब तक करे जब तक अच्छे से थक न जाए और थकने के बाद एक दम आसपास किसी बेंच पर लेट जाए आँख बंद कर लें और बस लेटे रहे कुछ और शरीर की क्रिया नहीं करनी है शरीर को ढीला छोड़ दे रिलैक्स होने दे शरीर को बिलकुल हिलाये नहीं। अब आगे क्या करना है आँखे बंद रहेगी अब इंद्री का इस्तमाल करना है जैसे आसपास की आवाज़ों को सुने जैसे पक्षियों की आवाज़ सुने उनके चेह्चाने की आवाज़ सुने। थकने से पसीना आया होगा और हवाएं ठंडी महसूस होंगी उसे महसूस करे मतलब अगड़म संग्रम न सोचे अपने ध्यान को केवल इन्ही चीज़ो पर केंद्रित करे। आपको पता भी चलेगा के कब आधा पौना घण्टा बीत गया है। जब आप रिलैक्स हो जाये तो धीरे धीरे आँखे खोले पहला अनुभव तो यही होगा जब आँख खोलेंगे तो आपको लगेगा कि आँखों में काफी रौशनी सी आगयी है आँखे खोल ले आसमान को देखे खाली सबकुछ खाली दिखाई देगा आपके भीतर भी कोई विचार नै महसूस होगा उस रिलैक्स मूमेंट का आनंद ले ५ मिंट तक उसके बाद आराम से उठे। आप इस क्रिया को प्रातःकाल रोज करे। कुछ दिनों के भीतर आपको ध्यान का अनुभव होना शुरू हो जायेगा।10 दिन इस क्रिया को करे।

10 दिन पश्चात आप टाइम बढाये जब आप (रनिंग+रिलैक्स+)करके उठे पांच मिनट रिलैक्स होजाये। उसके बाद आप किसी पेड़ के साथ कमर टिका कर ध्यान मुद्रा में बैठे आँखे बंद कर ले और हिलना डुलना बिलकुल नहीं है वरना ऊर्जा का सर्किल टूटता है. (जैसे आपको नींद आ रही हो और कोई उठा दे आपकी नींद टूटेगी फिर नींद लगे फिर कोई उठा दे फिर नींद टूटेगी मतलब आप सोने की चरम सीमा पे पहुच है नहीं पाओगे।) उसी प्रकार ध्यान में हिलने से ध्यान की सीमा पर नहीं पहुच पाते इसका खास ख्याल रखे। और करना वही है आसपास की चीज़ो को अनुभव करना है आवाज़ों को सुनना है । आप सोच रहे होंगे के मैने अपना अनुभव तो बताया नहीं दोस्तों ये मेरा अनुभव और ध्यान विधि है मैं भी इसी तकनीक को अपनाता हूं।

ध्यान रखे योग्य बाते : ध्यान करने के बाद उससे साधना बहुत ज़रूरी है साधना यानी कि ( उदाहरण : आप पतले होने के लिए जिम जाते है इधर आप जिम गये और घर आकर ब्रेड, टोस्ट , इडली डोसा फ़ास्ट फ़ूड ये सब खा ले तो पतले नहीं हो सकते इसी तरह ध्यान के लिए भी कुछ परहेज़ है।

. नहाने जाए तो पानी को अपने शरीर पर पड़ता हुआ महसूस करे.

. खाना खाते हुए स्वाद को महसूस करे

. ज़रूरत से ज़्यादा न बोले ज़्यादा बोल कर अपनी ऊर्जा को व्यर्थ न करे

. सोते वक़्त भी आराम से रिलैक्स होकर सोये

. क्रोध न करे

. काम वासना को भीतर ना आने दे

. किसी के प्रति ईर्ष्या द्वेष ना रखे

. कभी किसी के साथ छल कपट न करे

ध्यान रखे आप प्रकृति का हिस्सा है। और प्रकृति किसी से छल कपट नहीं करती ना किसी से द्वेष रखती तो आप क्यों ?

ध्यान करने की सबसे सरल विधि है जिसे आप सब आसानी से कर पाएंगे

🙂 हो सकता है लिखते हुए कुछ स्पेलिंग गलत हो गयी हो ना समझ में आये तो आप कमेंट में लिख सकते हैं

धन्यवाद !

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2 Comments

  1. namrata said,

    January 31, 2017 at 5:20 am

    Kripya mujhe aapka email id batayain mujhe kuch poochna hai

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  2. Namrta Pandey said,

    March 3, 2017 at 11:55 am

    thankx

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