oshoisyours

हेलो दोस्तों कैसे हो ? आज काफी टाइम बाद कुछ लिखने का मौका मिला।  दोस्तों में अच्छा लेखक तो हु नहीं।  और न ही कोई पंडित ग्यानी हाँ मगर ध्यान करके काफी कुछ जाना है यानी १०० में से १ परसेंट जाना है. तो आप सोचो क बाकी ९९ कितना होगा खेर आपका ज़्यादा टाइम नहीं लूंगा केवल ध्यान के बारे में कहूँगा। मेरे ब्लॉग में जो बाते लिखी है या वीडियो या इमेज है सब आपको अलग साइट पर भी मिलसकती है मगर इन सबको खोजने का मतलब क्या है ,कभी हमने सोचा मैं  बताता हू हम लोगो में जानने की लालसा है कि इससे क्या होता है कैसे होता है मगर हम केवल पड़ लेते है मगर करके नहीं देखते  कुछ लोग देखते है तो फिर कुछ दिन में बंद कर देते है  कि या कुछ हो तो रहा नहीं है। और दूसरो को बताते है कि ध्यान कर रहा हु तो वो हस्ते है कि क्या ध्यान स्यान बाबा बनेगा ! क्या ये सब ओशो आसाराम निर्मल बाबा सब एक से है! आप ध्यान करना बंद कर देते है खेर दोस्तों शयद आप नहीं जानते के ध्यान हमारे लिए कितना ज़रूरी है। तन मन और धन  सबके लिए।

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